शैक्षणिक विभाग

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बोन संप्रदाय शास्त्र विभाग

यह पाठ्यक्रम मुख्य रूप से शिक्षकों और छात्रों की अपेक्षित विशेषताओं और उनके सहक्रियात्मक संबंध पर आधारित है, जो छात्रों को नैतिक आयाम के साथ विश्व में श्रेष्ठ मानव के रूप में उभरने में सक्षम बनाता है। यह आंतरिक और बाहरी संसार के बारे में व्यापक वाद का गहरा विश्लेषणात्मक अध्ययन तथा छात्रों को विश्व में एक अलग व्यावहारिक दृष्टिकोण रखने की अनुमति देता है। अस्तित्व के आठ विकल्पों की अस्वीकृति, जैसे कि उपस्थिति, उत्पन्न, शून्यता, विनाश और स्थायित्व आदि छात्रों को अधिक यथार्थवादी होने में सक्षम बनाता है, इसलिए वह दार्शनिक प्रश्नों पर गंभीरता से विचार करने में सक्षम होता है। इस तरह के गहन दार्शनिक क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, छात्र उच्च शिक्षा और अनुसंधान, अनुवाद, अध्ययन और शिक्षण के क्षेत्र में अवसरों का लाभ प्राप्त करेंगे।

विभाग द्वारा संचालित पाठ्यक्रम:

  1. शास्त्री (बी.ए.)
  2. आचार्य (एम.ए.)

पाठ्यक्रम की उपादेयता:

यह पाठ्यक्रम मुख्य रूप से शिक्षकों और छात्रों की अपेक्षित विशेषताओं और उनके सहक्रियात्मक संबंध पर आधारित है, जो छात्रों को नैतिक आयाम के साथ विश्व में श्रेष्ठ मानव के रूप में उभरने में सक्षम बनाता है। यह आंतरिक और बाहरी संसार के बारे में व्यापक वाद का गहरा विश्लेषणात्मक अध्ययन तथा छात्रों को विश्व में एक अलग व्यावहारिक दृष्टिकोण रखने की अनुमति देता है। अस्तित्व के आठ विकल्पों की अस्वीकृति, जैसे कि उपस्थिति, उत्पन्न, शून्यता, विनाश और स्थायित्व आदि छात्रों को अधिक यथार्थवादी होने में सक्षम बनाता है, इसलिए वह दार्शनिक प्रश्नों पर गंभीरता से विचार करने में सक्षम होता है। इस तरह के गहन दार्शनिक क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, छात्र उच्च शिक्षा और अनुसंधान, अनुवाद, अध्ययन और शिक्षण के क्षेत्र में अवसरों का लाभ प्राप्त करेंगे। 

ध्यान की साधना की प्रगतिशील प्रक्रिया का ज्ञान और मठाधीशों तथा देवताओं के दिव्य पिंडों की उत्पत्ति छात्रों को एक बहुत ही मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करती है, जो उन्हें नैतिक मर्यादा के साथ संसार को समझने में सक्षम बनाती है। महान् समापन का दर्शन- महानिष्पत्ति, भविष्य, अतीत और वर्तमान के परिप्रेक्ष्य के विकास के साथ जागरूकता की पहचान, अपनी स्थिति के संबंध में पूर्ण तटस्थता का भाव स्थापित करना, उन्हें बहुत ही महत्वपूर्ण पद्धति से सिखाया जाता है, जिससे छात्रों में संवेदनशीलता विकसित होती है । इससे वे संबंधित क्षेत्रों में और अधिक शोध संभावनाओं की खोज कर पाते हैं। देवताओं की उत्पत्ति के चरण के संबंध में तंत्र के परिचय ज्ञान की पूर्णता के स्तर की ओर बढ़ते हुए छात्रों को वैज्ञानिक तरीके से समस्त संसार के रहस्यों को प्रकट करने और इसकी कार्यक्षमता को देखने की अनुमति देता है। ऐसे गहन दार्शनिक क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, छात्र उच्च शिक्षा और अनुसंधान, अनुवाद अध्ययन और शिक्षण के क्षेत्र में अवसरों का लाभ प्राप्त कर सकेंगे ।

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